गढ़वाली शायरी पहाड़ की शायरी भाग 3 (Garhwali Shayari Pahar Shayari Part -3)

गढ़वाली शायरी पहाड़ की शायरी  भाग 3 (Garhwali Shayari Pahar Shayari Part -3) 



"त्यारा बाना अलज्यूं 
मै बाटा बाटों मा"
#गढ़वाली_शायरी
****
आंख्युं मा तर तर बग्णा छन आंसु
चूल्हा रव्ट्टी पकोण बैठिं च सासु
#गढ़वाली_शायरी
****

चुग्लखोर कु जमानु च 
फोन कंदूड मा लगोण एक बानु च
 बानु त् तुम फुंड बणीदि रा 
स्यो बुन्नू क्या च त् तुम सुणदि रा 
तैकि छुयूँ मा तुम ध्यान ना द्या 
चुग्लखोर स्यो छैच तेंथै फुंड खाण द्या
#गढ़वाली_शायरी
****

गोटू म बैठयां रेन्दा छन 
बस्गाल हियुन्दा का दीना, 
घास कटण दीबा जान्दा 
छ्यूति का म्याला बुखाणा,
#गढ़वाली_शायरी
****

कख होली यू काफल डाली 
अब हून्दा कखड़ी का चीरा, 
कब होलू फिर से दें बोज 
कब होलू ग्यूं की मंडाण,
#गढ़वाली_शायरी
****

ऐ जावा तुम फिर लौटी की 
डांडयू गोर चराणा जूला, 
फिर च्यूडा भंगलू बुखेकी 
हम भी दीबा घासा जोला,
#गढ़वाली_शायरी
****

#गढ़वाली_शायरी
****
हम भी गगरी पाणी ल्योला
 म्योंलू का डाल्यू म जौंला, 
नै भोजी जब भी अब 
आली कन्डू-बुवाजू ले की आली,
#गढ़वाली_शायरी
****

जुकुडी कु बाटु भी बल आँखियौं बीटी व्हेकी जान्दु 
रातु कु सुईणा और दिन मा बस तेरु ही ख़्याल आन्दु
#गढ़वाली_शायरी
****
Garhwali Shayari

तेरा ही ख़्यालों मा कटणि अब दिन-रात
त्वै पर ही शुरु त्वै पर ही ख़त्म होन्दी मेरी हर बात
#गढ़वाली_शायरी
****

तेरी मुल मुल हँसी अब भी दिल मा छपिं छ
त्वे फिर से देखण सणि मेरी आँखी लगी छ
 नीद पहले मी भी नी औन्दी थी रात्यु मा 
पर औण लगी जब्सी सिराण तेरी तस्वीर रखिं छ
#गढ़वाली_शायरी

टिप्पणियाँ